क्या है प्रेम और क्या है वासना
अगर आपको कोई लड़की/लड़का सुंदर लगा इसलिए आपने प्रेम किया तो यह वासना हुआ । किंतु पहले आपको प्रेम हुआ फिर वह लड़की/लड़का सुंदर दिखा तो यह निश्चित ही प्रेम हुआ। उसका जिस्म देखने के लिए तरस रहे हो तो यह वासना हुई। परंतु केवल उसे देखने के लिए तरस रहे हो तो यह प्रेम हुआ । उससे प्रेम करने के बाद उससे मन भर जाए तो यह वासना हुआ । पर प्रेम दिनो दिन बढ़ता गया तो यह निश्चित प्रेम हुआ । उसके बाद किसी और में मन लगे तो यह वासना हुई । किंतु उस एक से ही मन न भरे तो प्रेम हुआ।