बुरा बनना है।
बुरा बनना है।
ऐसा सुनने पर लोग कहेंगे ये क्या बात हुई ।
लेकिन ये सच में आज के हिसाब से बेहद सही और सटीक जीवन जीने का उदाहरण है । आइए इसे कहानी से समझे ।
एक लड़का राम था । राम एक सीधा साधा लड़का था ,वह अपने जीवन को अनुशासन से जीना पसंद करता था ।उसे एक लड़की से प्यार हुआ ,लड़की का नाम श्रेया था । सब कुछ अच्छा चल रहा था ।राम श्रेया बेहद से प्यार करता था । वो श्रेया की हर बाते मानता था , हर समय उसके लिए उपलब्ध रहता था । सब कुछ ठीक चल रहा था ।
लेकिन अचानक श्रेया का प्यार राम के प्रति कम होने लगा ।रोज नए नए बात पर झगड़े होने लगे ,वही श्रेया को दूसरे लड़के पसंद आने लगे । दूसरो का फ्लर्ट करना उसे अच्छा लगने लगा । वह दूसरो के प्रति अट्रैक्ट होने लगी ।फिर उसने राम के साथ रिश्ता तोड़ दिया ,क्युकी अब राम उसे अच्छा नही लगने लगा था ।वह रॉकी नाम के एक लड़के के साथ रिलेशन में आ गई जो की एक बैड ब्वॉय था ।
जो की राम के विपरीत था ,फिर भी श्रेया उसके साथ खुश थी और उसके साथ रहना पसंद करती थीं। जब राम को पता चला कि श्रेया किसी रॉकी नाम के बैड बॉय के साथ खुश है तो उसे यकीन नही हुआ वह फूट फूट कर रोने लगा उसे यकीन नही हुआ को उसके प्यार का फायदा उठाया गया।
दर असल ऐसा इसलिए हुआ क्युकी राम अच्छा था। जी हां!
ऐसा इसलिए हुआ क्युकी राम अच्छा था और वो श्रेया से बहुत प्यार करता था उसके लिए हरपल अवेलेबल रहता था । उसकी हर बाते मानता था और श्रेया को बहुत ज्यादा महत्व देता था ,क्युकी अक्सर बहुत से केसेस में देखा गया है ,जब आप किसी व्यक्ति को अपने काम अपने गोल से ज्यादा महत्व देने लगते है ,तो वह इंसान आपको कौड़ी के भाव समझने लगता है ,वह आपकी अच्छाईयो को नही समझ पाता आपकी अच्छाईयां उसे बोरियत महसूस करवाती है।
तो अच्छा इसी में है की आप अपने गोल के सामने किसी लड़की या लड़के को महत्व न दे क्युकी यही चीज आपको एक अट्रैक्टिव पर्सन बनाती है,
यह साइकोलॉजी के अनुसार एवं द रैशनल मेल नाम की किताब में बताया गया है।जिसके लेखक ऑथर रोलो टोमेसी है।



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